Friday, January 02, 2009

कहीं पर निगायें और कही पर निशाना !!!!

साभार : Elan Pharma " Humour Therapy "

एक ९० साल  बुजुर्ग डाक्टर से  : डा. सा. मेरी १८ साल की पत्नी गर्भवती हो गयी है , आप की राय जानना चाहूगाँ ।

डाक्टर : मै आपको एक कहानी सुनाता हूँ , " एक शिकारी ने हडबडी मे घर से निकलते समय बन्दूक की जगह  छाता साथ मे रख लिया , जंगल मे अचानक उसका सामना शेर से हो गया , उसने छाते का हत्था खोला और शेर की ओर निशाना साधते हुये ट्रिगर दबाया ,धाँय !!

और शेर मर गया !!! "

"यह हो ही नही सकता । किसी और ने निशाना लगाया होगा ।"

डाक्टर : बिल्कुल यही तो मै कहना चाहता हूँ :) :)

6 comments:

Umed said...

यही बात लागू करें,देश और नेता संग.
देश जागता शान से, नेता पीकर भंग.
नेता पीकर भंग, पङा गंदी नाली में.
छेद करे, जिसमें खाये, उस ही थाली में.
कह साधक कविराय, आपके पाये लागू.
देश और नेता संग,करें बात यह लागू.

राज भाटिय़ा said...

क्या बात है...:)
सुबह सुबह आप का यह चुटकला पढ कर.....
धन्यवाद

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

निष्कर्ष : 90 साल बाद बन्दूक छाते में बदल जाती है।

Dr Prabhat Tandon said...

@ Umed
बिल्कुल बजा फ़रमाया आपने :)
@ राज भाटिय़ा
आप रोज ही मनोरंजन कराते हैं , हम तो कभी -२
@दिनेशराय द्विवेदी जी ,
बिल्कुल सही कानूनी निष्कर्ष निकाला आपने :)

Harkirat Haqeer said...

दिनेशराय जी ki bat se sehmat hun...

MUFLIS said...

वाह !
इशारतन क्या क्या नही कह दिया आपने
बधाई ...!!
---मुफलिस---