Saturday, July 25, 2009

एक पूर्व प्रेमी का खत ....

बडी दुख भरी कहानी है बेचारे की , पढे अवशय :

पत्र को साफ़ और बडॆ आकार मे देखने के लिये चित्र पर किल्क करें ।

3 comments:

श्याम कोरी 'उदय' said...

... बेहद रोचक खत है लिखने वाला बहुत ही झन्नाटेदार किस्म का जान पडता है। आप भी काफी दिलचस्प जान पडते हैं जो इतनी महत्वपूर्ण चीजें ढूंढ लेते हैं, .... बधाईंयाँ !!!!

Science Bloggers Association said...

Rochak, padhwane ka aabhaar.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

maithil said...

accha prem patra hai jo aaj ke sandarbh me bilkul fit baithta hai.Vashtav me aaj prem ke mayne badal gaye hain.